मॉर्फ्ड वीडियो से ब्लैकमेल कर 1.5 करोड़ मांगने का आरोप, वकील को मिली जमानत

मॉर्फ्ड वीडियो से ब्लैकमेल कर 1.5 करोड़ मांगने का आरोप, वकील को मिली जमानत

Lawyer Granted Bail Amid Allegations of Blackmailing

Lawyer Granted Bail Amid Allegations of Blackmailing

चंडीगढ़, 20 अप्रैल: Lawyer Granted Bail Amid Allegations of Blackmailing: साइबर ब्लैकमेलिंग और 1.5 करोड़ रुपये की कथित उगाही के मामले में आरोपी वकील मोहित वर्मा को अदालत से जमानत मिल गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए।

मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता जो कि चंडीगढ़ में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हैं, ने आरोप लगाया था कि उन्हें फरवरी में अज्ञात नंबरों से कॉल और व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुए। इन संदेशों में उनकी मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो क्लिप भेजी गई थी। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने उनसे 1.5 करोड़ रुपये की मांग की।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इस अपराध में किया गया। साथ ही मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो भी मिला। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर साजिश रची और शिकायतकर्ता को बदनाम करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की।

वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और मामले में कोई वास्तविक लेन-देन नहीं हुआ। आरोपी पिछले 12 वर्षों से वकालत कर रहा है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि उगाही (एक्सटॉर्शन) के अपराध के लिए जरूरी है कि धमकी के बाद पीड़ित से पैसे या संपत्ति की डिलीवरी हो। इस मामले में शिकायतकर्ता द्वारा कोई राशि नहीं दी गई, इसलिए प्रथम दृष्टया उगाही का मामला नहीं बनता।

इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि फिलहाल उसे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल जमानत तक सीमित है और मामले की सुनवाई पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।